रफ़्ता रफ़्ता ये शाम ढल जाएगी
जलती शमा सब बुझ जाएंगी
यह हसीं शाम ढलने से पहले
जलती शमाओं के बुझने से पहले
मैं कुछ वक़्त तेरे साथ गुज़ारना चाहती हूँ
बिखरे है हर तरफ रंग के मेले
कब तक चलूँ मैं यूँ अकेले
इन्ही रंगी मेलों के उठने पहले
सोचा कोई साथी साथ में ले लें
दुआओं में तुझे मांगना चाहती हूँ
जलती शमा सब बुझ जाएंगी
यह हसीं शाम ढलने से पहले
जलती शमाओं के बुझने से पहले
मैं कुछ वक़्त तेरे साथ गुज़ारना चाहती हूँ
बिखरे है हर तरफ रंग के मेले
कब तक चलूँ मैं यूँ अकेले
इन्ही रंगी मेलों के उठने पहले
सोचा कोई साथी साथ में ले लें
दुआओं में तुझे मांगना चाहती हूँ
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