जो तुमसे हुआ
वो मुकम्मल था
इसलिए दुबारा
दोहराया ना जा सका
अधूरे किरदार
पूरी कहानी कह गए
फिर क्या थी शिकायत
के अधूरे रह गए
बेसब्र घिरती घटाएं
बेहिसाब बरस गई
किसी ने क्या देखा
कहाँ बहा ले गयी
अजनबी शहरों में
दो हमसफर
भटके हुए मुसाफिर
मंज़िल तलाशती नज़र
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